विवाह मुहूर्त 2027

सीऐटल · 2027 में 90 शुभ विवाह तिथियाँ

जनवरी 2027

18

जन. 2027

सोम
6:19 PM – 7:50 AM 18 जन. – 19 जन.
तिथि
शुक्ल एकादशी, शुक्ल द्वादशी

19

जन. 2027

मंगल
7:50 AM – 2:47 AM 19 जन. – 20 जन.
नक्षत्र
मृगशिरा
तिथि
शुक्ल द्वादशी, शुक्ल त्रयोदशी

23

जन. 2027

शनि
8:50 PM – 7:45 AM 23 जन. – 24 जन.
नक्षत्र
मघा
तिथि
कृष्ण द्वितीया, कृष्ण तृतीया

24

जन. 2027

रवि
7:45 AM – 7:59 AM
नक्षत्र
मघा
तिथि
कृष्ण तृतीया

27

जन. 2027

बुध
7:42 AM – 10:26 AM
नक्षत्र
हस्त
तिथि
कृष्ण षष्ठी

30

जन. 2027

शनि
2:25 PM – 6:03 AM 30 जन. – 31 जन.
नक्षत्र
अनुराधा
तिथि
कृष्ण नवमी, कृष्ण दशमी

फ़रवरी 2027

1

फ़र. 2027

सोम
4:17 AM – 7:35 AM 2 फ़र.
नक्षत्र
मूल
तिथि
कृष्ण द्वादशी

2

फ़र. 2027

मंगल
7:35 AM – 10:56 PM
नक्षत्र
मूल
तिथि
कृष्ण द्वादशी

11

फ़र. 2027

गुरु
7:21 AM – 10:00 AM
नक्षत्र
रेवती
तिथि
शुक्ल पंचमी

14

फ़र. 2027

रवि
3:16 PM – 11:03 PM
नक्षत्र
रोहिणी
तिथि
शुक्ल नवमी

20

फ़र. 2027

शनि
9:57 PM – 12:21 AM 20 फ़र. – 21 फ़र.
नक्षत्र
मघा
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा

24

फ़र. 2027

बुध
8:02 PM – 6:57 AM 24 फ़र. – 25 फ़र.
नक्षत्र
स्वाति
तिथि
कृष्ण पंचमी, कृष्ण षष्ठी

25

फ़र. 2027

गुरु
6:57 AM – 8:43 PM
नक्षत्र
स्वाति
तिथि
कृष्ण षष्ठी

27

फ़र. 2027

शनि
8:38 AM – 12:17 AM 27 फ़र. – 28 फ़र.
नक्षत्र
अनुराधा
तिथि
कृष्ण अष्टमी

मार्च 2027

1

मार्च 2027

सोम
9:42 AM – 1:54 AM 1 मार्च – 2 मार्च
नक्षत्र
मूल
तिथि
कृष्ण नवमी, कृष्ण दशमी

3

मार्च 2027

बुध
11:36 AM – 6:44 AM 3 मार्च – 4 मार्च
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा
तिथि
कृष्ण एकादशी, कृष्ण द्वादशी

8

मार्च 2027

सोम
8:28 PM – 6:34 AM 8 मार्च – 9 मार्च
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा, शुक्ल द्वितीया

10

मार्च 2027

बुध
6:32 AM – 3:43 PM
नक्षत्र
रेवती
तिथि
शुक्ल तृतीया

13

मार्च 2027

शनि
4:40 AM – 7:24 AM 14 मार्च
नक्षत्र
रोहिणी
तिथि
शुक्ल सप्तमी

वर्ष के वर्जित काल

वर्जित सौर मास

15 दिस. – 14 जन.

सूर्य का धनु व मीन (खरमास) तथा कर्क से कन्या राशि तक का भ्रमण। इन सौर मासों में विवाह नहीं किए जाते।

वर्जित सौर मास

14 मार्च – 14 अप्रै.

सूर्य का धनु व मीन (खरमास) तथा कर्क से कन्या राशि तक का भ्रमण। इन सौर मासों में विवाह नहीं किए जाते।

शुक्र अस्त

5 जुल. – 10 अक्टू.

शुक्र का अस्त होना। विवाह का कारक ग्रह अदृश्य है, अतः मुहूर्त नहीं लिया जाता।

चातुर्मास

12 जुल. – 8 नव.

देवशयनी से प्रबोधिनी एकादशी तक विष्णु का शयनकाल। इन चार मासों में विवाह व गृह प्रवेश वर्जित हैं।

वर्जित सौर मास

16 जुल. – 17 अग.

सूर्य का धनु व मीन (खरमास) तथा कर्क से कन्या राशि तक का भ्रमण। इन सौर मासों में विवाह नहीं किए जाते।

गुरु अस्त

31 जुल. – 16 सित.

गुरु का अस्त होना, सूर्य के अत्यंत निकट होने से अदृश्य। विवाह गुरु के उदय की प्रतीक्षा करता है।

वर्जित सौर मास

17 अग. – 17 सित.

सूर्य का धनु व मीन (खरमास) तथा कर्क से कन्या राशि तक का भ्रमण। इन सौर मासों में विवाह नहीं किए जाते।

वर्जित सौर मास

17 सित. – 17 अक्टू.

सूर्य का धनु व मीन (खरमास) तथा कर्क से कन्या राशि तक का भ्रमण। इन सौर मासों में विवाह नहीं किए जाते।

वर्जित सौर मास

16 दिस. – 14 जन.

सूर्य का धनु व मीन (खरमास) तथा कर्क से कन्या राशि तक का भ्रमण। इन सौर मासों में विवाह नहीं किए जाते।

परंपरा ·विवाह की तिथियाँ द्रिक पंचांग द्वारा प्रकाशित पंचांग शुद्धि पद्धति पर आधारित हैं: सूर्योदय से सूर्योदय तक के दिन में शुभ नक्षत्र तथा योग-करण शुद्धि, वर्जित सौर मासों, चातुर्मास, अधिक मास और गुरु-शुक्र अस्त से बाहर। क्षेत्रीय एवं पारिवारिक परंपराएँ भिन्न होती हैं, और कुलपुरोहित की सूची सदैव इनसे नहीं मिलेगी। निश्चय करने से पूर्व पुष्टि कर लें।
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