विवाह मुहूर्त 2026

Saipan · 2026 में 58 शुभ विवाह तिथियाँ

फ़रवरी 2026

6

फ़र. 2026

शुक्र
6:45 AM – 4:07 AM 6 फ़र. – 7 फ़र.
नक्षत्र
हस्त
तिथि
कृष्ण पंचमी

8

फ़र. 2026

रवि
4:38 AM – 6:44 AM 9 फ़र.
नक्षत्र
स्वाति
तिथि
कृष्ण सप्तमी

9

फ़र. 2026

सोम
6:44 AM – 9:32 AM
नक्षत्र
स्वाति
तिथि
कृष्ण सप्तमी, कृष्ण अष्टमी

10

फ़र. 2026

मंगल
12:25 PM – 6:12 AM 10 फ़र. – 11 फ़र.
नक्षत्र
अनुराधा
तिथि
कृष्ण नवमी

12

फ़र. 2026

गुरु
12:50 AM – 6:43 AM 13 फ़र.
नक्षत्र
मूल
तिथि
कृष्ण एकादशी

13

फ़र. 2026

शुक्र
6:43 AM – 7:36 AM
नक्षत्र
मूल
तिथि
कृष्ण एकादशी

14

फ़र. 2026

शनि
10:46 PM – 6:42 AM 14 फ़र. – 15 फ़र.
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी

21

फ़र. 2026

शनि
5:30 PM – 5:52 PM
नक्षत्र
रेवती
तिथि
शुक्ल पंचमी

26

फ़र. 2026

गुरु
6:36 AM – 4:41 PM
नक्षत्र
मृगशिरा
तिथि
शुक्ल नवमी, शुक्ल दशमी

मार्च 2026

2

मार्च 2026

सोम
6:16 PM – 10:25 PM
नक्षत्र
मघा
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी

3

मार्च 2026

मंगल
9:58 AM – 12:01 PM
नक्षत्र
मघा
तिथि
पूर्णिमा

7

मार्च 2026

शनि
3:45 PM – 6:30 AM 7 मार्च – 8 मार्च
नक्षत्र
स्वाति
तिथि
कृष्ण चतुर्थी, कृष्ण पंचमी

8

मार्च 2026

रवि
6:30 AM – 11:34 AM
नक्षत्र
स्वाति
तिथि
कृष्ण पंचमी

9

मार्च 2026

सोम
8:41 PM – 3:56 AM 9 मार्च – 10 मार्च
नक्षत्र
अनुराधा
तिथि
कृष्ण षष्ठी

12

मार्च 2026

गुरु
9:11 AM – 2:29 PM
नक्षत्र
मूल
तिथि
कृष्ण नवमी

अप्रैल 2026

15

अप्रै. 2026

बुध
7:52 PM – 3:01 AM 15 अप्रै. – 16 अप्रै.
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी

20

अप्रै. 2026

सोम
9:05 AM – 10:19 PM
नक्षत्र
रोहिणी
तिथि
शुक्ल तृतीया, शुक्ल चतुर्थी

21

अप्रै. 2026

मंगल
8:44 AM – 5:01 PM
नक्षत्र
मृगशिरा
तिथि
शुक्ल पंचमी

26

अप्रै. 2026

रवि
6:40 AM – 12:57 AM 26 अप्रै. – 27 अप्रै.
नक्षत्र
मघा
तिथि
शुक्ल दशमी, शुक्ल एकादशी

29

अप्रै. 2026

बुध
5:55 AM – 1:22 AM 29 अप्रै. – 30 अप्रै.
नक्षत्र
हस्त
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी, शुक्ल चतुर्दशी

वर्ष के वर्जित काल

शुक्र अस्त

9 दिस. – 4 फ़र.

शुक्र का अस्त होना। विवाह का कारक ग्रह अदृश्य है, अतः मुहूर्त नहीं लिया जाता।

वर्जित सौर मास

16 दिस. – 14 जन.

सूर्य का धनु व मीन (खरमास) तथा कर्क से कन्या राशि तक का भ्रमण। इन सौर मासों में विवाह नहीं किए जाते।

वर्जित सौर मास

15 मार्च – 14 अप्रै.

सूर्य का धनु व मीन (खरमास) तथा कर्क से कन्या राशि तक का भ्रमण। इन सौर मासों में विवाह नहीं किए जाते।

अधिक मास

17 मई – 15 जून

वह अतिरिक्त चंद्रमास जिसमें कोई संक्रांति नहीं पड़ती। इसे सामान्य वर्ष से बाहर माना जाता है।

गुरु अस्त

15 जुल. – 14 अग.

गुरु का अस्त होना, सूर्य के अत्यंत निकट होने से अदृश्य। विवाह गुरु के उदय की प्रतीक्षा करता है।

वर्जित सौर मास

17 जुल. – 17 अग.

सूर्य का धनु व मीन (खरमास) तथा कर्क से कन्या राशि तक का भ्रमण। इन सौर मासों में विवाह नहीं किए जाते।

चातुर्मास

24 जुल. – 20 नव.

देवशयनी से प्रबोधिनी एकादशी तक विष्णु का शयनकाल। इन चार मासों में विवाह व गृह प्रवेश वर्जित हैं।

वर्जित सौर मास

17 अग. – 17 सित.

सूर्य का धनु व मीन (खरमास) तथा कर्क से कन्या राशि तक का भ्रमण। इन सौर मासों में विवाह नहीं किए जाते।

वर्जित सौर मास

17 सित. – 18 अक्टू.

सूर्य का धनु व मीन (खरमास) तथा कर्क से कन्या राशि तक का भ्रमण। इन सौर मासों में विवाह नहीं किए जाते।

शुक्र अस्त

13 अक्टू. – 31 अक्टू.

शुक्र का अस्त होना। विवाह का कारक ग्रह अदृश्य है, अतः मुहूर्त नहीं लिया जाता।

वर्जित सौर मास

16 दिस. – 15 जन.

सूर्य का धनु व मीन (खरमास) तथा कर्क से कन्या राशि तक का भ्रमण। इन सौर मासों में विवाह नहीं किए जाते।

परंपरा ·विवाह की तिथियाँ द्रिक पंचांग द्वारा प्रकाशित पंचांग शुद्धि पद्धति पर आधारित हैं: सूर्योदय से सूर्योदय तक के दिन में शुभ नक्षत्र तथा योग-करण शुद्धि, वर्जित सौर मासों, चातुर्मास, अधिक मास और गुरु-शुक्र अस्त से बाहर। क्षेत्रीय एवं पारिवारिक परंपराएँ भिन्न होती हैं, और कुलपुरोहित की सूची सदैव इनसे नहीं मिलेगी। निश्चय करने से पूर्व पुष्टि कर लें।
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