विवाह मुहूर्त 2026

हैलिफैक्स · 2026 में 54 शुभ विवाह तिथियाँ

फ़रवरी 2026

9

फ़र. 2026

सोम
10:25 PM – 7:22 AM 9 फ़र. – 10 फ़र.
अनुराधा कृष्ण नवमी

10

फ़र. 2026

मंगल
7:22 AM – 4:12 PM
अनुराधा कृष्ण नवमी

12

फ़र. 2026

गुरु
10:50 AM – 5:36 PM
मूल कृष्ण एकादशी

14

फ़र. 2026

शनि
8:46 AM – 5:48 PM
उत्तराषाढ़ा कृष्ण त्रयोदशी

19

फ़र. 2026

गुरु
11:21 AM – 7:07 AM 19 फ़र. – 20 फ़र.
उत्तरा भाद्रपदा शुक्ल तृतीया, शुक्ल चतुर्थी

20

फ़र. 2026

शुक्र
7:07 AM – 4:21 PM
3:30 AM – 3:52 AM 21 फ़र.
उत्तरा भाद्रपदा, रेवती शुक्ल चतुर्थी, शुक्ल पंचमी

25

फ़र. 2026

बुध
3:59 PM – 2:41 AM 25 फ़र. – 26 फ़र.
मृगशिरा शुक्ल नवमी, शुक्ल दशमी

मार्च 2026

1

मार्च 2026

रवि
4:16 AM – 6:50 AM 2 मार्च
मघा शुक्ल चतुर्दशी

2

मार्च 2026

सोम
6:50 AM – 8:25 AM
7:58 PM – 10:01 PM
मघा शुक्ल चतुर्दशी, पूर्णिमा

3

मार्च 2026

मंगल
10:09 PM – 11:22 PM
उत्तरा फाल्गुनी कृष्ण प्रतिपदा

6

मार्च 2026

शुक्र
1:45 AM – 6:41 AM 7 मार्च
स्वाति कृष्ण चतुर्थी

7

मार्च 2026

शनि
6:41 AM – 9:34 PM
स्वाति कृष्ण चतुर्थी, कृष्ण पंचमी

9

मार्च 2026

सोम
7:41 AM – 2:56 PM
अनुराधा कृष्ण षष्ठी

11

मार्च 2026

बुध
8:11 PM – 1:29 AM 11 मार्च – 12 मार्च
मूल कृष्ण नवमी

13

मार्च 2026

शुक्र
11:40 PM – 2:13 AM 13 मार्च – 14 मार्च
उत्तराषाढ़ा कृष्ण दशमी, कृष्ण एकादशी

अप्रैल 2026

15

अप्रै. 2026

बुध
6:52 AM – 2:01 PM
उत्तरा भाद्रपदा कृष्ण त्रयोदशी

19

अप्रै. 2026

रवि
8:05 PM – 6:22 AM 19 अप्रै. – 20 अप्रै.
रोहिणी शुक्ल तृतीया, शुक्ल चतुर्थी

20

अप्रै. 2026

सोम
6:22 AM – 9:19 AM
7:44 PM – 6:20 AM 20 अप्रै. – 21 अप्रै.
रोहिणी, मृगशिरा शुक्ल चतुर्थी, शुक्ल पंचमी

25

अप्रै. 2026

शनि
5:40 PM – 6:12 AM 25 अप्रै. – 26 अप्रै.
मघा शुक्ल दशमी

26

अप्रै. 2026

रवि
6:12 AM – 11:57 AM
मघा शुक्ल दशमी, शुक्ल एकादशी

27

अप्रै. 2026

सोम
12:48 PM – 1:06 PM
उत्तरा फाल्गुनी शुक्ल द्वादशी

28

अप्रै. 2026

मंगल
12:34 PM – 6:07 AM 28 अप्रै. – 29 अप्रै.
उत्तरा फाल्गुनी, हस्त शुक्ल त्रयोदशी

29

अप्रै. 2026

बुध
6:07 AM – 12:22 PM
हस्त शुक्ल त्रयोदशी, शुक्ल चतुर्दशी

30

अप्रै. 2026

गुरु
1:30 AM – 6:04 AM 1 मई
स्वाति पूर्णिमा

वर्ष के वर्जित काल

शुक्र अस्त

3 दिस. – 9 फ़र.

शुक्र का अस्त होना। विवाह का कारक ग्रह अदृश्य है, अतः मुहूर्त नहीं लिया जाता।

वर्जित सौर मास

15 दिस. – 14 जन.

सूर्य का धनु व मीन (खरमास) तथा कर्क से कन्या राशि तक का भ्रमण। इन सौर मासों में विवाह नहीं किए जाते।

वर्जित सौर मास

14 मार्च – 14 अप्रै.

सूर्य का धनु व मीन (खरमास) तथा कर्क से कन्या राशि तक का भ्रमण। इन सौर मासों में विवाह नहीं किए जाते।

अधिक मास

16 मई – 14 जून

वह अतिरिक्त चंद्रमास जिसमें कोई संक्रांति नहीं पड़ती। इसे सामान्य वर्ष से बाहर माना जाता है।

गुरु अस्त

5 जुल. – 16 अग.

गुरु का अस्त होना, सूर्य के अत्यंत निकट होने से अदृश्य। विवाह गुरु के उदय की प्रतीक्षा करता है।

वर्जित सौर मास

16 जुल. – 16 अग.

सूर्य का धनु व मीन (खरमास) तथा कर्क से कन्या राशि तक का भ्रमण। इन सौर मासों में विवाह नहीं किए जाते।

चातुर्मास

24 जुल. – 19 नव.

देवशयनी से प्रबोधिनी एकादशी तक विष्णु का शयनकाल। इन चार मासों में विवाह व गृह प्रवेश वर्जित हैं।

वर्जित सौर मास

16 अग. – 16 सित.

सूर्य का धनु व मीन (खरमास) तथा कर्क से कन्या राशि तक का भ्रमण। इन सौर मासों में विवाह नहीं किए जाते।

वर्जित सौर मास

16 सित. – 17 अक्टू.

सूर्य का धनु व मीन (खरमास) तथा कर्क से कन्या राशि तक का भ्रमण। इन सौर मासों में विवाह नहीं किए जाते।

शुक्र अस्त

25 सित. – 1 नव.

शुक्र का अस्त होना। विवाह का कारक ग्रह अदृश्य है, अतः मुहूर्त नहीं लिया जाता।

वर्जित सौर मास

16 दिस. – 14 जन.

सूर्य का धनु व मीन (खरमास) तथा कर्क से कन्या राशि तक का भ्रमण। इन सौर मासों में विवाह नहीं किए जाते।

परंपरा ·विवाह की तिथियाँ द्रिक पंचांग द्वारा प्रकाशित पंचांग शुद्धि पद्धति पर आधारित हैं: सूर्योदय से सूर्योदय तक के दिन में शुभ नक्षत्र तथा योग-करण शुद्धि, वर्जित सौर मासों, चातुर्मास, अधिक मास और गुरु-शुक्र अस्त से बाहर। क्षेत्रीय एवं पारिवारिक परंपराएँ भिन्न होती हैं, और कुलपुरोहित की सूची सदैव इनसे नहीं मिलेगी। निश्चय करने से पूर्व पुष्टि कर लें।
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