वाहन खरीदी मुहूर्त 2026

Yaren · 2026 में वाहन खरीदने की 73 शुभ तिथियाँ

जनवरी 2026

15

जन. 2026

गुरु
6:57 AM – 9:33 AM
नक्षत्र
अनुराधा
तिथि
कृष्ण द्वादशी

19

जन. 2026

सोम
6:22 PM – 7:07 PM
नक्षत्र
श्रवण
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा

22

जन. 2026

गुरु
6:59 AM – 9:17 AM
नक्षत्र
शतभिषा
तिथि
शुक्ल तृतीया

25

जन. 2026

रवि
7:00 AM – 5:38 PM
नक्षत्र
रेवती
तिथि
शुक्ल षष्ठी, शुक्ल सप्तमी

28

जन. 2026

बुध
3:57 PM – 7:09 PM
नक्षत्र
रोहिणी
तिथि
शुक्ल दशमी

29

जन. 2026

गुरु
7:01 AM – 9:46 AM
नक्षत्र
रोहिणी
तिथि
शुक्ल एकादशी

30

जन. 2026

शुक्र
7:01 AM – 11:34 AM
नक्षत्र
मृगशिरा
तिथि
शुक्ल द्वादशी

फ़रवरी 2026

6

फ़र. 2026

शुक्र
7:02 AM – 11:35 AM
1:06 PM – 7:10 PM
नक्षत्र
हस्त
तिथि
कृष्ण पंचमी

9

फ़र. 2026

सोम
7:02 AM – 8:33 AM
10:04 AM – 11:31 AM
नक्षत्र
स्वाति
तिथि
कृष्ण सप्तमी

11

फ़र. 2026

बुध
4:28 PM – 5:22 PM
नक्षत्र
अनुराधा
तिथि
कृष्ण दशमी

18

फ़र. 2026

बुध
7:02 AM – 1:06 PM
2:37 PM – 7:10 PM
नक्षत्र
शतभिषा
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा

22

फ़र. 2026

रवि
7:02 AM – 5:39 PM
नक्षत्र
अश्विनी
तिथि
शुक्ल पंचमी

26

फ़र. 2026

गुरु
9:10 AM – 2:36 PM
4:07 PM – 6:41 PM
नक्षत्र
मृगशिरा
तिथि
शुक्ल दशमी

27

फ़र. 2026

शुक्र
5:18 PM – 6:01 PM
नक्षत्र
पुनर्वसु
तिथि
शुक्ल एकादशी

मार्च 2026

1

मार्च 2026

रवि
7:01 AM – 3:04 PM
नक्षत्र
पुष्य
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी

5

मार्च 2026

गुरु
4:06 PM – 7:07 PM
नक्षत्र
हस्त
तिथि
कृष्ण द्वितीया

6

मार्च 2026

शुक्र
7:00 AM – 11:33 AM
नक्षत्र
हस्त
तिथि
कृष्ण तृतीया

8

मार्च 2026

रवि
7:00 AM – 5:36 PM
नक्षत्र
स्वाति
तिथि
कृष्ण पंचमी

वर्ष के वर्जित काल

खरमास

16 दिस. – 14 जन.

सूर्य का धनु एवं मीन राशि में भ्रमण। इस मास में शुभ कार्यों का आरंभ नहीं किया जाता।

खरमास

15 मार्च – 14 अप्रै.

सूर्य का धनु एवं मीन राशि में भ्रमण। इस मास में शुभ कार्यों का आरंभ नहीं किया जाता।

अधिक मास

17 मई – 15 जून

वह अतिरिक्त चंद्रमास जिसमें कोई संक्रांति नहीं पड़ती। इसे सामान्य वर्ष से बाहर माना जाता है।

पितृ पक्ष

26 सित. – 11 अक्टू.

पितरों को समर्पित पक्ष, सर्वपितृ अमावस्या पर समाप्त। यह श्राद्ध का काल है, आरंभ का नहीं।

खरमास

16 दिस. – 15 जन.

सूर्य का धनु एवं मीन राशि में भ्रमण। इस मास में शुभ कार्यों का आरंभ नहीं किया जाता।

परंपरा ·ये तिथियाँ उत्तर भारतीय पूर्णिमांत पंचांग तथा उसके साथ सामान्यतः प्रकाशित मुहूर्त नियमों पर आधारित हैं। क्षेत्रीय एवं पारिवारिक परंपराएँ भिन्न होती हैं। केरल, तमिलनाडु व बंगाल की अपनी पद्धतियाँ हैं, और कुलपुरोहित की सूची सदैव इनसे नहीं मिलेगी। निश्चय करने से पूर्व पुष्टि कर लें।
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