वाहन खरीदी मुहूर्त 2027

सीऐटल · 2027 में वाहन खरीदने की 85 शुभ तिथियाँ

जनवरी 2027

14

जन. 2027

गुरु
9:48 AM – 1:25 PM
2:31 PM – 4:44 PM
नक्षत्र
रेवती
तिथि
शुक्ल सप्तमी

22

जन. 2027

शुक्र
7:47 AM – 11:13 AM
12:21 PM – 4:55 PM
नक्षत्र
पुष्य
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा

27

जन. 2027

बुध
7:42 AM – 12:22 PM
1:32 PM – 2:23 PM
नक्षत्र
हस्त, चित्रा
तिथि
कृष्ण षष्ठी

फ़रवरी 2027

7

फ़र. 2027

रवि
10:18 AM – 4:06 PM
नक्षत्र
शतभिषा
तिथि
शुक्ल द्वितीया

8

फ़र. 2027

सोम
7:26 AM – 8:41 AM
9:55 AM – 12:26 PM
नक्षत्र
शतभिषा
तिथि
शुक्ल द्वितीया, शुक्ल तृतीया

10

फ़र. 2027

बुध
3:26 PM – 5:25 PM
नक्षत्र
रेवती
तिथि
शुक्ल पंचमी

11

फ़र. 2027

गुरु
7:21 AM – 1:39 PM
2:55 PM – 5:26 PM
नक्षत्र
रेवती, अश्विनी
तिथि
शुक्ल पंचमी, शुक्ल षष्ठी

12

फ़र. 2027

शुक्र
7:20 AM – 11:08 AM
12:24 PM – 4:26 PM
नक्षत्र
अश्विनी
तिथि
शुक्ल षष्ठी, शुक्ल सप्तमी

17

फ़र. 2027

बुध
9:59 AM – 12:24 PM
1:42 PM – 5:36 PM
नक्षत्र
पुनर्वसु
तिथि
शुक्ल द्वादशी

24

फ़र. 2027

बुध
7:10 AM – 12:23 PM
1:44 PM – 5:46 PM
नक्षत्र
चित्रा
तिथि
कृष्ण पंचमी

25

फ़र. 2027

गुरु
6:57 AM – 1:44 PM
3:05 PM – 5:48 PM
नक्षत्र
स्वाति
तिथि
कृष्ण षष्ठी

मार्च 2027

4

मार्च 2027

गुरु
12:05 PM – 1:46 PM
3:10 PM – 5:59 PM
नक्षत्र
श्रवण
तिथि
कृष्ण द्वादशी

5

मार्च 2027

शुक्र
6:42 AM – 10:56 AM
12:21 PM – 2:50 PM
नक्षत्र
श्रवण
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी

10

मार्च 2027

बुध
6:32 AM – 12:20 PM
1:47 PM – 6:07 PM
नक्षत्र
रेवती
तिथि
शुक्ल तृतीया

14

मार्च 2027

रवि
7:24 AM – 5:45 PM
नक्षत्र
रोहिणी
तिथि
शुक्ल सप्तमी

वर्ष के वर्जित काल

खरमास

15 दिस. – 14 जन.

सूर्य का धनु एवं मीन राशि में भ्रमण। इस मास में शुभ कार्यों का आरंभ नहीं किया जाता।

खरमास

14 मार्च – 14 अप्रै.

सूर्य का धनु एवं मीन राशि में भ्रमण। इस मास में शुभ कार्यों का आरंभ नहीं किया जाता।

पितृ पक्ष

14 सित. – 29 सित.

पितरों को समर्पित पक्ष, सर्वपितृ अमावस्या पर समाप्त। यह श्राद्ध का काल है, आरंभ का नहीं।

खरमास

16 दिस. – 14 जन.

सूर्य का धनु एवं मीन राशि में भ्रमण। इस मास में शुभ कार्यों का आरंभ नहीं किया जाता।

परंपरा ·ये तिथियाँ उत्तर भारतीय पूर्णिमांत पंचांग तथा उसके साथ सामान्यतः प्रकाशित मुहूर्त नियमों पर आधारित हैं। क्षेत्रीय एवं पारिवारिक परंपराएँ भिन्न होती हैं। केरल, तमिलनाडु व बंगाल की अपनी पद्धतियाँ हैं, और कुलपुरोहित की सूची सदैव इनसे नहीं मिलेगी। निश्चय करने से पूर्व पुष्टि कर लें।
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