वाहन खरीदी मुहूर्त 2027

Rishikesh · 2027 में वाहन खरीदने की 87 शुभ तिथियाँ

जनवरी 2027

15

जन. 2027

शुक्र
7:14 AM – 11:08 AM
12:26 PM – 2:13 PM
नक्षत्र
रेवती
तिथि
शुक्ल सप्तमी

20

जन. 2027

बुध
7:13 AM – 12:28 PM
1:47 PM – 4:17 PM
नक्षत्र
मृगशिरा
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी

27

जन. 2027

बुध
7:10 AM – 12:30 PM
1:49 PM – 5:49 PM
नक्षत्र
हस्त
तिथि
कृष्ण षष्ठी

28

जन. 2027

गुरु
3:52 PM – 5:50 PM
नक्षत्र
चित्रा
तिथि
कृष्ण सप्तमी

31

जन. 2027

रवि
7:08 AM – 4:32 PM
नक्षत्र
अनुराधा
तिथि
कृष्ण दशमी

फ़रवरी 2027

8

फ़र. 2027

सोम
7:03 AM – 8:25 AM
9:47 AM – 5:59 PM
नक्षत्र
शतभिषा
तिथि
शुक्ल द्वितीया

11

फ़र. 2027

गुरु
7:01 AM – 1:54 PM
3:16 PM – 6:02 PM
नक्षत्र
रेवती
तिथि
शुक्ल पंचमी

12

फ़र. 2027

शुक्र
7:00 AM – 11:08 AM
12:31 PM – 6:03 PM
नक्षत्र
अश्विनी
तिथि
शुक्ल षष्ठी

18

फ़र. 2027

गुरु
6:55 AM – 1:55 PM
3:19 PM – 6:07 PM
नक्षत्र
पुनर्वसु
तिथि
शुक्ल द्वादशी, शुक्ल त्रयोदशी

19

फ़र. 2027

शुक्र
6:54 AM – 11:07 AM
नक्षत्र
पुष्य
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी

26

फ़र. 2027

शुक्र
6:47 AM – 10:13 AM
नक्षत्र
स्वाति
तिथि
कृष्ण षष्ठी

मार्च 2027

5

मार्च 2027

शुक्र
6:39 AM – 11:01 AM
12:29 PM – 6:18 PM
नक्षत्र
श्रवण
तिथि
कृष्ण द्वादशी, कृष्ण त्रयोदशी

10

मार्च 2027

बुध
10:52 AM – 12:27 PM
1:56 PM – 6:21 PM
नक्षत्र
रेवती
तिथि
शुक्ल द्वितीया, शुक्ल तृतीया

14

मार्च 2027

रवि
10:23 AM – 4:55 PM
नक्षत्र
रोहिणी
तिथि
शुक्ल षष्ठी, शुक्ल सप्तमी

15

मार्च 2027

सोम
6:27 AM – 7:04 AM
नक्षत्र
रोहिणी
तिथि
शुक्ल सप्तमी

वर्ष के वर्जित काल

खरमास

16 दिस. – 14 जन.

सूर्य का धनु एवं मीन राशि में भ्रमण। इस मास में शुभ कार्यों का आरंभ नहीं किया जाता।

खरमास

15 मार्च – 14 अप्रै.

सूर्य का धनु एवं मीन राशि में भ्रमण। इस मास में शुभ कार्यों का आरंभ नहीं किया जाता।

पितृ पक्ष

15 सित. – 30 सित.

पितरों को समर्पित पक्ष, सर्वपितृ अमावस्या पर समाप्त। यह श्राद्ध का काल है, आरंभ का नहीं।

खरमास

16 दिस. – 15 जन.

सूर्य का धनु एवं मीन राशि में भ्रमण। इस मास में शुभ कार्यों का आरंभ नहीं किया जाता।

परंपरा ·ये तिथियाँ उत्तर भारतीय पूर्णिमांत पंचांग तथा उसके साथ सामान्यतः प्रकाशित मुहूर्त नियमों पर आधारित हैं। क्षेत्रीय एवं पारिवारिक परंपराएँ भिन्न होती हैं। केरल, तमिलनाडु व बंगाल की अपनी पद्धतियाँ हैं, और कुलपुरोहित की सूची सदैव इनसे नहीं मिलेगी। निश्चय करने से पूर्व पुष्टि कर लें।
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