गृह प्रवेश मुहूर्त 2026

मुन्नार · 2026 में 38 शुभ गृह प्रवेश तिथियाँ

नवंबर 2026

11

नव. 2026

बुध
6:15 AM – 11:38 AM
नक्षत्र
अनुराधा
तिथि
शुक्ल द्वितीया

20

नव. 2026

शुक्र
6:56 AM – 6:19 AM 20 नव. – 21 नव.
तिथि
शुक्ल दशमी, शुक्ल एकादशी

25

नव. 2026

बुध
6:20 AM – 6:21 AM 25 नव. – 26 नव.
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा, कृष्ण द्वितीया

26

नव. 2026

गुरु
6:21 AM – 5:47 PM
नक्षत्र
मृगशिरा
तिथि
कृष्ण द्वितीया, कृष्ण तृतीया

वर्ष के वर्जित काल

शुक्र अस्त

9 दिस. – 3 फ़र.

शुक्र का अस्त होना। विवाह का कारक ग्रह अदृश्य है, अतः न विवाह का मुहूर्त लिया जाता है, न गृह प्रवेश का।

वर्जित चंद्र मास

20 दिस. – 19 जन.

गृह प्रवेश हेतु मान्य छह अमांत चंद्रमासों — वैशाख, ज्येष्ठ, कार्तिक, मार्गशीर्ष, माघ व फाल्गुन — से बाहर का मास। गृह प्रवेश इन्हीं की प्रतीक्षा करता है।

वर्जित चंद्र मास

19 मार्च – 17 अप्रै.

गृह प्रवेश हेतु मान्य छह अमांत चंद्रमासों — वैशाख, ज्येष्ठ, कार्तिक, मार्गशीर्ष, माघ व फाल्गुन — से बाहर का मास। गृह प्रवेश इन्हीं की प्रतीक्षा करता है।

अधिक मास

17 मई – 15 जून

वह अतिरिक्त चंद्रमास जिसमें कोई संक्रांति नहीं पड़ती। इसे सामान्य वर्ष से बाहर माना जाता है।

वर्जित चंद्र मास

14 जुल. – 12 अग.

गृह प्रवेश हेतु मान्य छह अमांत चंद्रमासों — वैशाख, ज्येष्ठ, कार्तिक, मार्गशीर्ष, माघ व फाल्गुन — से बाहर का मास। गृह प्रवेश इन्हीं की प्रतीक्षा करता है।

गुरु अस्त

15 जुल. – 14 अग.

गुरु का अस्त होना, सूर्य के अत्यंत निकट होने से अदृश्य। विवाह व गृह प्रवेश गुरु के उदय की प्रतीक्षा करते हैं।

वर्जित चंद्र मास

12 अग. – 11 सित.

गृह प्रवेश हेतु मान्य छह अमांत चंद्रमासों — वैशाख, ज्येष्ठ, कार्तिक, मार्गशीर्ष, माघ व फाल्गुन — से बाहर का मास। गृह प्रवेश इन्हीं की प्रतीक्षा करता है।

वर्जित चंद्र मास

11 सित. – 10 अक्टू.

गृह प्रवेश हेतु मान्य छह अमांत चंद्रमासों — वैशाख, ज्येष्ठ, कार्तिक, मार्गशीर्ष, माघ व फाल्गुन — से बाहर का मास। गृह प्रवेश इन्हीं की प्रतीक्षा करता है।

वर्जित चंद्र मास

10 अक्टू. – 9 नव.

गृह प्रवेश हेतु मान्य छह अमांत चंद्रमासों — वैशाख, ज्येष्ठ, कार्तिक, मार्गशीर्ष, माघ व फाल्गुन — से बाहर का मास। गृह प्रवेश इन्हीं की प्रतीक्षा करता है।

शुक्र अस्त

14 अक्टू. – 30 अक्टू.

शुक्र का अस्त होना। विवाह का कारक ग्रह अदृश्य है, अतः न विवाह का मुहूर्त लिया जाता है, न गृह प्रवेश का।

परंपरा ·गृह प्रवेश की तिथियाँ द्रिक पंचांग द्वारा प्रकाशित दिन-पद्धति पर आधारित हैं: सूर्योदय से सूर्योदय तक के दिन में शुभ नक्षत्र व तिथि, छह मान्य चंद्रमासों — वैशाख, ज्येष्ठ, कार्तिक, मार्गशीर्ष, माघ व फाल्गुन — में से किसी एक में, मंगलवार, रविवार, अधिक मास तथा गुरु-शुक्र अस्त से बाहर। क्षेत्रीय एवं पारिवारिक परंपराएँ भिन्न होती हैं, और कुलपुरोहित की सूची सदैव इनसे नहीं मिलेगी। निश्चय करने से पूर्व पुष्टि कर लें।

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