4 अक्टूबर 2025 की शुभ होरा

मद्रिद, शनिवार, 4 अक्टू. 2025

सूर्योदय
8:14 AM
सूर्यास्त
7:51 PM

दिन

शनि
8:14 AM – 9:12 AM 58मि
श्रम, लोहा व यंत्र, दीर्घकालिक कार्य, संपत्ति
गुरु
9:12 AM – 10:10 AM 58मि
शिक्षा, विवाह, धार्मिक कार्य, धन व निवेश
मंगल
10:10 AM – 11:08 AM 58मि
साहस, भूमि व संपत्ति, विवाद, शल्यक्रिया, यंत्र
सूर्य
11:08 AM – 12:06 PM 58मि
पद, शासन, स्वास्थ्य, उच्चाधिकारियों से कार्य
शुक्र
12:06 PM – 1:05 PM 58मि
कला, संगीत, प्रेम, विलास, आभूषण
बुध
1:05 PM – 2:03 PM 58मि
व्यापार, लेखा, अध्ययन, लेखन, संदेश
चंद्र
2:03 PM – 3:01 PM 58मि
यात्रा, जल, मन, भेंट, नए संबंध
शनि
3:01 PM – 3:59 PM 58मि
श्रम, लोहा व यंत्र, दीर्घकालिक कार्य, संपत्ति
गुरु
3:59 PM – 4:57 PM 58मि
शिक्षा, विवाह, धार्मिक कार्य, धन व निवेश
मंगल
4:57 PM – 5:55 PM 58मि
साहस, भूमि व संपत्ति, विवाद, शल्यक्रिया, यंत्र
सूर्य
5:55 PM – 6:53 PM 58मि
पद, शासन, स्वास्थ्य, उच्चाधिकारियों से कार्य
शुक्र
6:53 PM – 7:51 PM 58मि
कला, संगीत, प्रेम, विलास, आभूषण

रात

बुध
7:51 PM – 8:53 PM 1घं 2मि
व्यापार, लेखा, अध्ययन, लेखन, संदेश
चंद्र
8:53 PM – 9:55 PM 1घं 2मि
यात्रा, जल, मन, भेंट, नए संबंध
शनि
9:55 PM – 10:57 PM 1घं 2मि
श्रम, लोहा व यंत्र, दीर्घकालिक कार्य, संपत्ति
गुरु
10:57 PM – 11:59 PM 1घं 2मि
शिक्षा, विवाह, धार्मिक कार्य, धन व निवेश
मंगल
11:59 PM – 1:01 AM 1घं 2मि
साहस, भूमि व संपत्ति, विवाद, शल्यक्रिया, यंत्र
सूर्य
1:01 AM – 2:03 AM 1घं 2मि
पद, शासन, स्वास्थ्य, उच्चाधिकारियों से कार्य
शुक्र
2:03 AM – 3:05 AM 1घं 2मि
कला, संगीत, प्रेम, विलास, आभूषण
बुध
3:05 AM – 4:07 AM 1घं 2मि
व्यापार, लेखा, अध्ययन, लेखन, संदेश
चंद्र
4:07 AM – 5:09 AM 1घं 2मि
यात्रा, जल, मन, भेंट, नए संबंध
शनि
5:09 AM – 6:11 AM 1घं 2मि
श्रम, लोहा व यंत्र, दीर्घकालिक कार्य, संपत्ति
गुरु
6:11 AM – 7:13 AM 1घं 2मि
शिक्षा, विवाह, धार्मिक कार्य, धन व निवेश
मंगल
7:13 AM – 8:15 AM 1घं 2मि
साहस, भूमि व संपत्ति, विवाद, शल्यक्रिया, यंत्र
11:08 AM – 12:35 PM 1घं 27मि
राहु का काल। कोई नया कार्य न करें: यात्रा, क्रय अथवा अनुबंध नहीं।
यमगण्ड अशुभ
3:30 PM – 4:57 PM 1घं 27मि
यम का काल। स्थायी फल वाले कार्य वर्जित; नित्य कार्य किए जा सकते हैं।
गुलिक काल अशुभ
8:14 AM – 9:41 AM 1घं 27मि
शनिपुत्र मांदी का काल। इसमें आरंभ किया कार्य पुनः दोहराता है।
1:39 PM – 2:26 PM 46मि
विजय मुहूर्त, दिन के पंद्रह मुहूर्तों में आठवाँ, मध्याह्न के आसपास। लगभग सभी कार्यों हेतु शुभ।

इनमें से कौन सा समय आपकी कुंडली के अनुकूल है, और क्यों

Vaya में अपना देखें

the right timing, the right person

Through classically trained Vedic astrologers

When will Iget married?

Is this theright person?

Consult On Vaya